प्रदेश भर के पंचायत सचिवो एवम रोजगार सहायकों की 10 मई से आंदोलन की तैयारी, कोरोना योद्धा के नाम पर अधिकारियों की दोहरी नीति का करेंगे विरोध।

 



                          



                              पंचायत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पंचायत सचिवो, सहायक सचिवो समेत ग्रामीण विकास विभाग के जमीनी अमले को भयंकर महामारी कोरोना के द्वारान जमीनी स्तर पर कार्यो को देखते हुए कोरोना योद्धा घोषित करने के लिए 26 अप्रैल 2021 को जिला कलेक्टर सहवानो को पंचायत सचिव/सहायक सचिव समेत ग्रामीण विकास विभाग के अमले को जिला वार कोरोना योद्धा के अंतर्गत पात्र कर्मी के आदेश जारी करने के निर्देश जारी किए गए हैं, इसके बावजूद प्रदेश भर से 10-12 कलेक्टर सहवान के द्वारा उनके द्वारा पूर्व में जारी आदेश निरस्त कर दिए गए हैं, प्राप्त जानकारी अनुसार आदेश निरस्त करने के लिए भोपाल स्तर से VC में निर्देश दिए गए हैं।


                                कोरोना महामारी के बीच डयूटी करते हुए  मध्यप्रदेश में 50 से अधिक सचिव एवम सहायक सचिवो की मृत्यु हो चुकी है, इसके बावजूद अधिकारियों के द्वारा प्रदेश के 46 हज़ार सचिवो एवम सहायक सचिवो के कोरोना योद्धा के नाम पर आंख मिचौली की जा रही है, सुबह से शाम तक बिना सक्षम अधिकारी के लिखित ड्यूटी आदेश जारी किए वाट्सअप मेसेज के माध्यम से काम कराया जा रहा है, प्रदेश भर के बड़े अधिकारी VC रूम में अपने परिवार के साथ घर में आराम से बैठकर सचिवो एवम सहायक सचिवो को मौत के मुंह मे धकेल रहे हैं, और कोरोना योद्धा के नाम पर भी सडयंत्र कर रहे हैं।

    

                      पंचायत सचिव संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा एवम रोजगार सहायक /सहायक सचिव संगठन के प्रदेश अध्यक्ष  रोशन सिंह परमार दोनो ने  संयुक्त प्रेसनोट जारी करके कहा है कि पंचायत सचिव संगठन एवम रोजगार सहायक / सहायक सचिव संगठन द्वारा संयुक्त रूप से निर्णय लिया गया है कि यदि 09 मई 2021 तक हमारी समस्यायों का निराकरण नही किया जाता है तो प्रदेश भर के सचिव एवम सहायक सचिव 10 मई 2021 से काम, कलम एवम कार्यालय बंद करके अपने परिवार की चिंता करते हुए अपने घर पर रहेंगे, "कोरोना योद्धा नही तो काम नही" के लिए बाध्य होंगे जिसके प्रशासन स्वम जिम्मेदार रहेगा।



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