नारायणगढ़:तेंदुए का बड़ा आतंक, पानी की तलाश की तलाश पहुंचे तेंदुए ने 2 किसानों पर हमला किया,

 





नारायणगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम रिछा  में बुधवार सुबह तेंदुए ने 2 किसानों पर हमला कर दिया।

उनके हाथ पैर व पीठ बुरी तरह से जख्मी हो गए है। उनको प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में रेफर किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन व वनविभाग का अमला पहुंचा।

तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे का इंतजाम कर उसे लगाया गया। उसकी हलचल पर नजर रखने के लिए ड्रोन का भी उपयोग किया गया।

इसके बावजूद भी तेंदुआ खेत से निकलकर भागने में कामयाब हो गया। के बाद ग्रामीणों ने बड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को पकड़ा एवं वन विभाग के हवाले किया।



बुधवार सुबह कृषक बलवंत सिंह सोनगरा अपने प्याज के खेल में निगरानी रखने के लिए सुबह खेत पहुंचे। वही खेत पर छिपे तेंदुए ने करीब 6:30 बजे उन पर हमला कर दिया ‌।  वह बड़ी मुश्किल से खुद को बचा पाए। 6:30 बजे खेत पर जा रहे हैं दशरथ सिंह सोनगरा पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया। दोनों किसान के भी तो हाथ बड़ी बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं। दोनों की नारायणगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक चिकित्सा की गई एवं बाद में मंदसौर रेफर किया गया। सरपंच प्रतिनिधि धर्मेंद्र धनगर की सूचना पर पुलिस प्रशासन व वन विभाग अमला पहुंचा। पर 1:00 बजे से ही 20 सदस्य टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए पहुंच गई। उसके लिए पिंजरा लगाया गया । अरे मैं चारे के रूप में बकरे को इस्तेमाल किया गया। पर तेंदुआ हाथ नहीं आ पाया।





वनविभाग कर्मचारी तेंदुए पर गन भी नहीं चला पाए, इस पर बहुत आक्रोशित हुए




ग्राम वासियों पर पर हमला करने के बाद तेंदुआ खेत में हरी घास में छुप कर बैठ गया। जब शाम 4:00 बजे निकलकर कर भागा तो पहले से ही मौजूद वन विभाग कर्मचारियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की पर फिर वह गांव की तरफ भाग गया।

इस दौरान वन विभाग कर्मचारी ट्रेंकुलाइजर गन नहीं चला सके। इस पर ग्रामीण बहुत आक्रोशित हुए और उन्हें वन विभाग कर्मचारियों को बहुत खरी-खोटी सुनाई एवं वापस जाने के लिए कहा। यहां से गई नहीं पर शाम को बजे तेंदुआ इंद्रदेव पाटीदार के खेत में दिखा। इस बार ग्रामीणों ने उसे लठमार कर पकड़ लिया एवं फिर वन विभाग की टीम को सुपुर्द किया।



हमले में बाल-बाल बचे दशरथ सिंह बताते हैं जिनकी एक ही किडनी है। तेंदुआ उनकी छाती पर बैठ गया था और लगभग हमला करने ही वाला था जब तेंदुए ने उनके हाथ पर हमला किया तो तेंदुए से अपने आप को छुड़वा कर भाग निकले। दशरत सिंह जी के अनुसार उनकी एक ही कितनी है।

वन विभाग द्वारा बताया गया कि गर्मी का मौसम है दिन पर दिन घर में बढ़ती जा रही है जंगल में पानी की कमी भी है इसके चलते तेंदुआ प्यासा होने के कारण गांव में आ गया होगा।


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