5 साल बाद तक बनकर तैयार हुआ सीतामऊ फाटक और ओवरब्रिज, आज से शुरू होगा। 3 किलोमीटर का चक्कर बचेगा, लगभग 80हजार लोगों को मिल सकेगी राहत‌।

 


सीतामऊ फाटक रेलवे और ब्रिज 2018 में बनकर तैयार होना था लेकिन अब यह बनकर तैयार हो गया है,बुधवार को सांसद सुधीर गुप्ता एवं विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा इसका लोकार्पण किया गया,फिर इसका उपयोग जनता कर सकेंगी।इस बात की सुविधा फाटक पार के 3000 लोगों लोगों को मिलेगी जिन्हें 3 किलोमीटर चक्कर काट कर आना पड़ता था। यह ब्रिज चालू होने के बाद मंदसौर से सीतामऊ जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी और सीधा रास्ता भी प्रदान  होगा। इसके साथ-साथ फाटक के दूसरी तरफ होने वाले लगभग 3000 लोगों को बार-बार 3 किलोमीटर लंबे रास्ते का भमण नहीं करना पड़ेगा।


2015 में शुरू हुआ था ब्रिज का निर्माण


टी आकार के इस सीतामऊ फाटक ओवरब्रिज का निर्माण मध्य प्रदेश सेतु विकास निगम ने 38 करोड  की लागत से नवंबर 2015 में इसका कार्य शुरू हुआ था। 3 साल में विकास निगम ने मंदसौर से रतलाम मार्ग पर 700 मीटर और बीच का निर्माण पूरा किया। उसके बाद पटरी के ऊपर वाले ओवर ब्रिज का कार्य रेलवे और निगम के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते कार्यों में ढिलाई आ रही थी जिसके कारण यह कार्य अब जाकर पूरा हुआ है।


ओवरब्रिज निर्माण क्या-क्या बातें खास रही है


॰ 80 हजार लोगों को लाभ मिलेगा अब उनका समय और पैसा दोनों बचेंगे।

॰ 32 करोड़ रुपए लागत ओवरब्रिज निर्माण में आई।

॰ 2015 नवंबर से शुरू हुआ था ओवर ब्रिज निर्माण का कार्य।

॰ 1200 मीटर ब्रिज की कुल लंबाई है।

॰ 500 मीटर मंदसौर से सीतामऊ तरफ लंबाई।


आपको बता दें कि यह ओवर ब्रिज 2 मीटर व्यास के कुल 32 पैरों पर तैयार हुआ है। सांसद और विधायक इसका लोकार्पण किया गया। आज से इस पर आवागमन शुरू हो जाएगा। मुख्य अतिथियों की उपस्थिति में इसका लोकार्पण किया गया। इसके बनने से हजारों लोग लाभान्वित होंगे।


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