रेमेडीसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में फरार तीसरा आरोपी आज पुलिस की गिरफ्त में आ गया है, आरोपियों द्वारा अब तक 12 इंजेक्शन बेचे गए हैं।

  



रतलाम में रेमेडीसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में तीसरे आरोपी को पुलिस ने कल देर रात पकड़ लिया है।

पुलिस द्वारा मंदसौर निवासी प्रणव जोशी को कल देर रात पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। फिलहाल आरोपियों ने यह स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने 12 रेमेडीसीवर इंजेक्शन की कालाबाजारी  के के तहत बेचे हैं। आरोपियों द्वारा यह बात भी कबूली गई है कि जिन्हें इन हिंदी एक्शन सख्त जरूरत थी, उन्हें ये यही इंजेक्शन जोकि बहुत सस्ते हैं इन्हें 20 से 30 हजार तक बेचते थे मजबूर परिजनों को यह इंजेक्शन खरीदने पढ़ते थे।

हालांकि इनका मुख्य आरोपी अभी तक नहीं पकड़ा गया है रतलाम पुलिस यह जानकारी लेने में छुट्टी है कि इन तक यह इंजेक्शन पहुंचते कैसे  थे।

रतलाम पुलिस इनके मुख्य ड्रग माफिया को पकड़ना चाहती है।


असल में इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब रतलाम पुलिस ने रतलाम के जीवांश हॉस्पिटल में डॉक्टर को रंगे हाथ 30000 में  रेमेडी सीवर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा। पकड़े गए आरोपियों में उत्सव नायक एवं डॉक्टर यशपाल राठौर थे। पुलिस प्रशासन द्वारा इन मौके पर ही पकड़ लिया गया था। इनसे पूछताछ करने पर मंदसौर के आरोपियों जोशी का नाम सामने आया जिनको कल देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।



पुलिस को आशा है कि आगे भी इनसे नाम उगलवाकर बड़े आरोपियों को और पकड सकती है। अभी पुलिस इन तीनों से पूछताछ कर रही है वह नाम जानना चाहती है कि जो इन जीवन रक्षक दवाइयों की हेर-फेर  में सबसे बड़ा माफिया है। लिखो पूरी उम्मीद है कि इन सब में एक बड़े गिरोह को पकड़ने में कामयाब होगी।

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