ग्राम गुराडिया देदा में चौराहे पर डमरीकरण को लेकर हुआ ग्रामवासी और ठेकेदार के बीच विवाद, चौराहे को सही तरीके से नहीं बनाया जा रहा था

 


मंदसौर जिले के ग्राम गुराडिया देदा में मंगलवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत चौराहे पर नगरीकरण करने के लिए ग्रामवासी और ठेकेदार के बीच विवाद हो गया। ठेकेदार चौराहे पर डमरीकरण सही नहीं कर रहा था जिसका गांव वालों ने विरोध किया और मांग की कि चौराहे पर डामरीकरण सही तरीके से किया जाए ताकि बड़े वाहन चलने पर धूल नहीं उड़े। गुराडिया देदा मुख्य चौराहे पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे जिसके कारण बड़े वाहन निकलने पर काफी ज्यादा धूल उड़ती थी जिससे चौराहे के आसपास वाले घरों को काफी समस्या आती थी।


सड़क मे गड्ढे पड़ने का मुख्य कारण क्या है


मामला लोक डाउन के दूसरे माह से शुरू हुआ। लोक डाउन के पश्चात ग्राम गुराडिया देदा के पास स्थित गांव धारियां खेड़ी से प्रतिदिन कई डंपर मिट्टी से भरे हुए सड़क पर गुजरते थे जिससे सड़क पर कई गड्ढे हो गए थे। गड्ढे हो जाने के कारण सड़क पर काफी धूल उड़ती थी और आसपास के घरों पर जम जाती थी। सड़क पर गड्ढे होने के कारण मिट्टी बाहर आ गई थी जिससे रात को आने वाले बहुत सारे लोग फिसल जाते थे। इसको लेकर ग्रामवासी राहुल पाटीदार पिता कैलाश जी पाटीदार (सरपंच) एवं विनोद पाटीदार पिता गोवर्धन लाल जी पाटीदार ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत भी दर्ज करवाई थी। शिकायत दर्ज होने के कई दिनों बाद डंपर के मालिक ने सड़क में हो रहे गड्ढों को भरवा दिया था लेकिन वह थोड़े दिन ही चले और वहां पर फिर से गड्ढे होना शुरू हो गए।


प्रशासन द्वारा दिया गया पूरा रोड फिर से बनाने का आदेश


सड़क पर गड्ढे दोबारा पड जाने के बाद ग्राम वासियों ने फिर से सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की जिसके बाद उस सड़क को दोबारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत फिर से बनाने का आदेश जारी किया गया। हालांकि इस सड़क को बने हुए 5 वर्ष से अधिक समय भी हो चुका था। आदेश जारी होने के बाद सड़क को साफ किया गया और सभी मशीनें भी मौके पर पहुंच गई। जब ठेकेदार चौराहे पर रोड की मपती करने लगा तो ग्रामवासी वहां पर पहुंचे। ग्रामवासी वहां पर पहुंचने के बाद उन्होंने सड़क बनने को लेकर जो निशान डाले गए थे उनको देखा और ठेकेदार से कहा कि इनको थोड़ा और आगे लाया जाए। इसी बात को लेकर ग्रामवासी और ठेकेदार के बीच विवाद हो गया। हालांकि विवाद को जल्द ही सुलझा लिया गया।


ग्राम वासियों की ठेकेदार से क्या मांग थी


ग्राम वासियों द्वारा ठेकेदार से यह मांग की गई थी कि आप जो चौराहा बना रहे हैं उसकी साइडों को थोड़ा बढ़ा लिजिए लेकिन ठेकेदार उनकी यह बात मानने को तैयार नहीं था और बोला कि मुझे जितना आदेश दिया गया है मैं उतना ही रोड बनाऊंगा।इस पर ग्राम वासियों ने नाराजगी जताई और कार्य को रूकवा दिया और आगे बड़े अधिकारियों से बात करने का फैसला लिया।यह मामला आगे तक गया और कुछ समय बाद ग्रामवासियों और ठेकेदार के बीच समझौता हो गया और सड़क को बनाना सफलतापूर्वक संपन्न कर दिया गया लेकिन इसमें भी ठेकेदार ने गांव वालों के साथ एक शर्त रखी कि मैं सड़क वहां तक तो बना दूंगा जहां तक आप चाहते हो लेकिन अगर उस जगह सड़क भले ही कल टुट जाए मैं दोबारा उसे ठीक करने नहीं आऊंगा और कोई गांव वाला भी इसकी शिकायत नहीं करेगा। हां अगर सड़क के बीच कही पर भी गढ्ढे पड़ जाए तो मैं उसको बार बार ठीक करवाउंगा।इस पर गांव वालों ने सहमति जताई और सड़क का कार्य शुरू कर दिया गया।लगभग दो या तीन दिन में सड़क का कार्य पूरा हो जाएगा।


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