राम मंदिर के लिए भक्तों ने खोले खजाने, 1100 करोड़ आने का लक्ष्य था,दान में आए 2100 करोड़ रूपए

 



अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बनने जा रहा है। श्री राम मंदिर बनाने के लिए भक्तों द्वारा 44 दिन के लिए चंदा अभियान चलाया गया था जो कि 27 फरवरी शनिवार को पूरा हो गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी के अनुसार चंदा इकट्ठा करने के अभियान के तहत शुक्रवार तक 2100 करोड़ रूपए का चंदा मिला है।खास बात यह है कि 15 जनवरी से शुरू हुए इस चंदा अभियान का लक्ष्य 1100 करोड़ रुपए था लेकिन जितना ट्रस्ट द्वारा अंदाजा लगाया गया था उससे तो लगभग दोगुना चंदा दान में आ गया है।


2100 करोड़ की राशि और भी बढ़ेगी


अभी दान दिए हुए पैसे की गिनती होना रुकी नहीं है। अभी राशि गिनने का काम जारी है जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि अभी राशि 21 सौ करोड़ से भी ज्यादा बनेगी। स्वामी गोविंद गिरी ने यह भी जानकारी दी कि दूसरे देशों में रह रहे राम भक्त भी अपने यहां चंदा अभियान चलाने की मांग उठा रहे हैं। श्री राम मंदिर ट्रस्ट की आगामी बैठक में इस विषय पर फैसला लिया जाएगा। आपको बता दें कि राम मंदिर निधि समर्पण अभियान 15 जनवरी को 2021 को मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में चलाया गया था। इसके लिए 27 फरवरी यानी कि संत रविदास जयंती तक का समय तय किया गया था।


5 लाख गांवों तक जाने का था लक्ष्य


अभियान के तहत 44 दिनों में कुल 5 लाख गांव तक जाने का लक्ष्य तय किया गया था। इसके लिए राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से ₹10,₹100 और ₹1000 के कूपन जारी किए गए थे। सबसे ज्यादा सो रुपए के लगभग आठ करोड़ कूपन छपवाए गए थे। हालांकि जल्द ही यह कूपन कम पड़ गए थे। आपको यह भी बता दे कि राम मंदिर के लिए चंदा अभियान की शुरुआत 15 जनवरी से हुई थी और राम मंदिर के लिए सबसे पहले चंदा देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से लिया गया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ₹500000 का चंदा मंदिर निर्माण के लिए दिया था। इसके बाद बड़े से बड़ा चंदा देने की हो रही है । इनमें मध्य प्रदेश के 2 भाजपा के विधायक भी शामिल थे। उनमें से एक विजय राघव गढ़ के विधायक संजय पाठक और रतलाम विधायक चेतन कश्यप शामिल थे।

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