सिगरेट-तंबाकू पर सख्त कानून की तैयारी, संशोधन के बाद सिगरेट पीने और तंबाकू खाने वालों पर होगा सीधा असर

 


भारत में सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट को लेकर एक कानून बनाया गया है, जिसमें सरकार ने संशोधन के लिए एक ड्राफ्ट तैयार किया है। इसमें जल्द ही बदलाव हो जाएगा। 2003 में यह कानून सरकार ने तंबाकू के लिए बनाया था। दरअसल सीक्रेट और दूसरे तंबाकू प्रोडक्ट की बिक्री और उसके सेवन को लेकर यह कानून बनाया गया था।

क्या है इस कानून का नाम 

इस कानून का नाम "सिगरेट एंड अदर टौबेको प्रोडक्ट एक्ट" इसे कोटपा कानून के नाम से भी जाना जाता है। इस एक्ट में तंबाकू और सिगरेट का सेवन करने की उम्र और सजा का प्रावधान बताया गया है। 2003 में यह एक्ट बनाया गया था जब भारत में धूम्रपान करने वालों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही थी और उन्हें अधिकतर नई युवा पीढ़ी शामिल थी।

एक्ट में कौन-कौन से नियम शामिल है

इस एक्ट के तहत 18 साल से कम उम्र वाले व्यक्ति को तंबाकू बेचना और खाना अपराध माना जाएगा। स्कूल या कॉलेज के आसपास कोई तंबाकू या सिगरेट की दुकान नहीं होनी चाहिए। और अगर कोई ऐसा करता है तो उनके लिए सजा का भी प्रावधान इस एक्ट के तहत किया गया है। इसमें सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने, तंबाकू उत्पाद के विज्ञापन, प्रमोशन करने, 18 साल से कम उम्र वाले बच्चों को तंबाकू बेचने, शैक्षणिक संस्थानों से 100 मीटर दूरी तक तंबाकू की दुकान लगाने पर प्रतिबंध है।

क्या है नया प्रस्ताव, ड्राफ्ट तैयार

सरकार ने इस कानून में संशोधन करने के लिए एक ड्राफ्ट तैयार किया है। इसमें तंबाकू खरीदने की न्यूनतम आयु को 18 से 21 वर्ष तक बढ़ा दिया जाएगा। ड्राफ्ट में खुली सिगरेट बेचने पर रोक लगाने का जिक्र भी है। अगर इस कानून में संशोधन हो जाएगा तो स्कूलों से 100 मीटर दूर तक कोई तमाकू नहीं बैच पाएगा। इसमें जुर्माने की मांग भी बढ़ाने की बात कही गई है।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ