पहली ऑनलाइन परीक्षा की तैयारी के लिए 6 जनवरी को होगा मॉक टेस्ट, प्रत्येक विद्यार्थी को ई-मेल पर मिलेगा पेपर, कॉपी करनी होगी अपलोड

 


10 महीने से विभिन्न ला कोर्स की रुकी परीक्षाओं को देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय ऑनलाइन पद्धति के द्वारा करवाने जा रहा है। इस विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार ऑनलाइन परीक्षा को अच्छे ढंग से करवाने को लेकर सभी अधिकारी व्यवस्था बनाने में लगे हुए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मॉक टेस्ट रखा है।

6 जनवरी को लिया जाएगा टेस्ट का ट्रायल

प्रशासन ने टेस्ट 6 जनवरी को ट्राई करने का तय किया है। प्रक्रिया सुबह 11:00 से शाम 6:00 बजे तक चलेगी। अधिकारियों के मुताबिक प्रत्येक कोर्स के विद्यार्थियों को टेस्ट से जोड़ा जाएगा। परीक्षा के संचालन को लेकर परीक्षा गोपनीय और आईटी विभाग ने जिम्मेदारी संभाल रखी है। मॉक टेस्ट में एलएलबी, बी ए एल एल बी, bba.llb, बीकॉम एलएलबी, एल एल एम, के विद्यार्थी शामिल होंगे। सुबह 11:00 से शाम 5:00 बजे के बीच ट्रायल किया जाएगा।

टेस्ट का शेड्यूल वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है

प्रशासन में टेस्ट का पूरा शेड्यूल विवि वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ अशेष तिवारी का कहना है कि विद्यार्थियों को जीमेल वाले ई-मेल पर प्रश्न पत्र दिया जाएगा। साथ ही ईमेल पर कापिया अपलोड करने के लिंक शेयर की जाएगी। उस लिंक पर क्लिक करके विद्यार्थियों को अपनी जानकारी देकर अपनी उत्तर पुस्तिका भेजनी होगी।

परीक्षाओं की जिम्मेदारी निजी कॉलेजों को भी दी है

परीक्षा में विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों के अलावा कॉलेजों की भूमिका भी अहम रहेगी क्योंकि कुछ जिम्मेदारियां निजी कॉलेजों को भी दी गई है। गुरुवार को ऑनलाइन परीक्षा के मॉक टेस्ट को लेकर तारीख घोषित की गई है। विद्यार्थियों को 1 घंटे का समय दिया जाएगा जिसमें वे अपना उत्तर दे सकते हैं। कोठी को अपलोड करने का समय भी 15 मिनट रखा गया है। परीक्षा में 13 कॉलेजों के 8000 विद्यार्थी शामिल रहेंगे।

फिस में मिली अच्छी राहत

इस वर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में विद्यार्थियों का कम रुझान होने से कई कालेजों ने बहुत कम फीस में बच्चों को एडमिशन दे दिया है। बहुत सारे विद्यार्थी स्कॉलरशिप के आधार पर पढ़ाई करते हैं इसलिए कुछ कॉलेज स्कॉलरशिप की राशि पर ही इंजीनियरिंग करवाने के लिए तैयार हो गए हैं। विद्यार्थियों से शुरुआत में 10 से 20000 फीस ली गई है। विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप मिलने के बाद कॉलेज उनको यह पैसे वापस लौटा देंगे। इस वर्ष इंजीनियरिंग में उम्मीद से काफी कम जॉब प्लेसमेंट रहा है।


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