एक माह में आधे रह गए थे प्याज के भाव ₹2000 भी नहीं मिल रहे थें, इन 2 दिनों में अचानक आई उछाल

 


दो माह से कृषि मंडी में प्याज की बंपर आवक हो रही है अन्य अन्य जिलों से भी  मंदसौर मंडी में प्याज और लहसुन की बंपर आवक हो रही है लेकिन प्याज के दामों में लगातार  कमी आने से किसान भाई  नाखुश  है। पहले जहां पर आज सबसे छोटा माल भी 2,000 नहीं बिक रहा था वही आज सबसे अच्छे माल के ₹2000 भी नहीं आ रहे हैं।


अचानक क्यों आ गई भाव में गिरावट


नवंबर में किसानों के प्याज ₹4000 तक बिके हैं लेकिन भाव में गिरावट के बाद अब दाम केवल आधे रह गए हैं सोमवार को मंडी में प्याज ₹390 से 1950 रुपए प्रति क्विंटल तक बिके हैं। यह गिरावट अचानक आई है जिससे किसान नाखुश है।

व्यापारियों का दाम कम होने पर क्या कहना है

व्यापारियों के अनुसार दाम में कमी का कारण आगे से मांग में कमी को बताया गया है दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के कारण मंदसौर से प्याज दिल्ली नहीं भेजा जा रहा है ।मंदसौर से  प्याज गुजरात महाराष्ट्र और राजस्थान में जाता है लेकिन अब इन राज्य में भी मांग में कमी है। इसलिए प्याज के भाव अचानक गिर गए हैं।

3 दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को मंडी खुली तो तो मंडी में से 37850 बोरी की आवक हुई 14000 एवं प्याज 10000 कट्टो की आवक हुई। लेकिन आगे माल की इतनी मांग नहीं होने से भाव में गिरावट आई है।

इन 2 दिनों में फिर से बढ़ गए हैं भाव

जब प्याज 2000 से भी कम बीकने लग गया और कई दिनों तक भाव यही रहा तो किसानों ने सोच लिया कि अब भाव नहीं बढ़ेंगे लेकिन इन दिनों प्याज के भाव में थोड़ी उछाल आई है और मंडी में प्याज के भाव 2500 तक पहुंचे हैं। इसका कारण प्रधानमंत्री द्वारा सभी निर्यात खोल देने के कारण प्याज के भाव में उछाल आई है।

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