गोडसे ज्ञानशाला को लेकर सियासत शुरू कांग्रेस ने गोडसे को बताया देश का पहला आतंकवादी , तो सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने किया पलटवार ।

 



दरअसल मामला यह है कि 10 जनवरी के दिन ग्वालियर में हिंदू महासभा ने दौलत गंज स्थित अपने कार्यालय में गोडसे ज्ञानशाला की शुरुआत की थी जिसको लेकर सियासत शुरू हो गई है प्रशासन द्वारा महासभा के पदाधिकारियों से बात कर उसे बंद करने के निर्देश दिए और इलाके में धारा 144 लगा दी गई है और किसी भी प्रकार की शांति भंग नहीं होने देने के कड़े निर्देश दिए गए हैं ।


हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जयवीर भारद्वाज ने बताया कि महासभा की बैठक में निर्णय लिया गया कि दौलतगंज स्थित कार्यालय का प्रेरणा स्त्रोत जारी रहेगा लेकिन गोडसे  ज्ञानशाला को संचालित नहीं किया जाएगा ।


ग्वालियर के अपर कलेक्टर किशोर कन्याल  ने कहा कि हमें सूचना मीडिया के माध्यम से मिली थी जिसके पश्चात हिंदू महासभा के पदाधिकारियों से बातचीत कर उन्हें नोटिस जारी किया गया है । साथ ही कहा कि दौलतगंज इलाके में धारा 144 लगा दी गई है ताकि कोई हिंसा नहीं फेले । हिंदू महासभा ने बातचीत के बाद ही निर्णय लिया कि प्रेरणा स्त्रोत जारी रहेगा लेकिन गोडसे ज्ञानशाला का संचालन नहीं किया जाएगा।


इधर गोडसे ज्ञानशाला को लेकर सियासी संग्राम शुरू हो गया है जिसमें कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि नाथूराम गोडसे देश का पहला आतंकवादी है । साथ ही कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय जो की महात्मा गांधी के अनुयाई वह साथी रहे हैं जिन्होंने हिंदू महासभा की स्थापना की है और अखिल भारतीय कांग्रेस के तीन बार अध्यक्ष भी रह चुके हिंदू महासभा के लोग महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को महा मंडित कर रहे हैं । यह ट्वीट ट्विटर के माध्यम से किया है ।


बीजेपी नेता व भोपाल से सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने पलटवार करते हुए ट्वीट किया कि  उन्होंने गोडसे की तुलना देशभक्त से कहते हुए कहा और कांग्रेस हमेशा से देश भक्तों के साथ दुर्व्यवहार करते आई है और कांग्रेस ने  भगवा आतंक  भी कहा इससे बुरा और क्या हो सकता है । प्रज्ञा ठाकुर द्वारा दिए गए विवादित बयान से वह चर्चा के विषय  बनी है ।

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