100 साल पुराने नियम-कानून खत्म करेंगे, यूपी के सीएम योगी का बड़ा फैसला

यूपी सरकार

यूपी सरकार ने एक नया फैसला लिया है कि प्रदेश में वर्षों से चले आ रहे यानी कि 100 साल पुराने अनुपयोगी कानून खत्म करने हैं। यह पुराने नियम अनुपयोगी है और इन कानून के अनुसार किसी भी कार्य को होने में बहुत समय लगता है।


आखिर बनाए ही क्यों गए थे यह कानून

आपके मन में सवाल आ रहा होगा क्या जब योगी सरकार इन कानूनों को हटा रही है तो इनको बनाया ही क्यों गया था? यह कानून काफी समय पहले बनाए गए थे जिनकी जरूरत पहले के जमाने में बहुत जरूरी थी लेकिन यह आज के जमाने में परेशानियां खड़ी कर रहे हैं इसलिए सरकार ने इनको हटाने का फैसला लिया है।


कानूनो को हटाने से क्या फायदा होगा

जिन कानूनों को योगी सरकार हटा रही है उससे अब कारोबार करने वाले अपने उद्यमी अपना उद्योग जल्दी लगा सकेंगे और उन्हें काफी लंबे चौड़े नियमों के जंजाल से मुक्ति मिलेगी। आम जनता को भी नियम और कानून कम होने से राहत मिलेगी। इसके लिए संबंधित विभाग इस प्रकार के मामलों की समीक्षा खुद ही कर रहे हैं और खुद ही बता रहे हैं कि इस कानून को हटाना है और इस कानून को रखना है।कुछ कानूनों को दूसरे संबंधित अधिनियम में शामिल किया जाएगा।

यह सारा कार्य पीएम नरेंद्र मोदी के निर्देश पर किया जा रहा है। पी के सी एम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इस कार्य का जिम्मा औद्योगिक विकास विभाग को दिया गया है।


यूपी में अभी भी बरकरार है 1920 का कानून

यूपी में अभी एक कानून है जो 1920 में बनाया गया था"यूपी रूल्स रेगुलेटिंग द ट्रांसपोर्ट टिंबर इन कुमाऊं सिविल डिवीजन 1920"नामक कानून लगभग 100 साल पहले बनाया गया था। अजीब बात यह है कि 20 साल पहले कुमाऊं क्षेत्र समेत पूरा उत्तराखंड राज्य अलग हो गया लेकिन यह कानून अभी भी उत्तर प्रदेश में बरकरार है जो यहां के लिए है ही नहीं।


82 साल पुराना कानून भी है।

आपको बता दें कि यूपी में एक 82 साल पुराना कानून भी है जिस की उपयोगिता उसके नाम से भी कम है। उस कानून का नाम....."यूपी रूल्स रेगुलेटिंग ट्रांजिट ऑफ टिंबर ऑन द रिवर गंगा एबब गढ़मुक्तेश्वर इन मेरठ डिस्टिक एंड ऑन इट्स ट्रिब्यूटेरिस इन इंडियन टेरिटेरि एबब ऋषिकेश 1938" इस कानून का नाम ही इतना लंबा है कि आप पढ़ते पढ़ते ही थक जाएंगे और इसकी उपयोगिता कुछ भी नहीं है।

कुछ ऐसे ही अनुपयोगी कानूनों को योगी सरकार ने हटाने का फैसला ले लिया है और जल्दी ही सभी कानूनों को हटा दिया जाएगा ताकि लोगों को कार्य करने में आसानी हो सके।

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