12 साल में अब जाकर हुआ मंदसौर के फूड इंस्पेक्टर जमरा का ट्रांसफर

Mandsaur Today News

मंदसौर मैं उपचुनाव के बाद सरकार ने अपना पहला एक्शन ले लिया है मंदसौर में 12 साल से अपनी धाक जमाए बैठे फूड इंस्पेक्टर कमलेश जमरा का ट्रांसफर कर दिया।

क्या है ट्रांसफर का कारण

मध्य प्रदेश में उपचुनाव के बाद शिवराज सरकार ने पूर्व सरकार कमलनाथ सरकार की तरह शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत मिलावट मुक्त मध्यप्रदेश अभियान चलाया है जिसमें प्रदेश में होने वाले सभी मिलावटी चीजों के आरोपियों को पकड़ना है जो भी अधिकारी मंत्री या कोई प्रशासन का आदमी इसमें सहयोग दे रहा है तो उस पर भी सख्त कार्यवाही की जाएगी।दोनों मामलों में मंदसौर का खाद्य एवं सुरक्षा विभाग कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर सका है। मामले में एक्शन लेते हुए शासन ने फूड इंस्पेक्टर कमलेश जमरा के विरुद्ध ट्रांसफर की कार्यवाही की और उसमें सफल भी हुए।

जमरा ने जमा रखी थी मंदसौर में धाक

मंदसौर में 12 साल से फूड इंस्पेक्टर की उपाधि पर पदस्थ जमरा को अभी रतलाम भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार फूड इंस्पेक्टर जमरा का 2008 में खाद्य सुरक्षा विभाग में नियुक्ति हुई थी। तब से वह मंदसौर में ही पदस्थ थे लेकिन अब इनका ट्रांसफर कर दिया गया है। मिलावट खोरी के विरुद्ध हुई प्रशासनिक कार्यवाही में यह चर्चा में रहे हैं।


खनिज विभाग में भी हाे सकता है फेरबदल

सरकार अब हर विभाग पर एक्शन ले रही है फूड इंस्पेक्टर के बाद सरकार अब खनिज विभाग पर नजर जमा रखी है। जानकारी के मुताबिक अब खनिज विभाग में भी फेरबदल हो सकता है। कलेक्टर को खनिज निरीक्षण के आचरण को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई है जिसके बाद कलेक्टर ने खनिज निरीक्षक के खिलाफ एक्शन लेने का आदेश जारी किया है। यहां तक पूर्व में रेत माफिया से मिली भगत सामने आने पर हटाए,खनिज निरीक्षक गजेंद्र डावर को नीमच भेजने पर उन्हीं के रिश्तेदार को रतलाम से मंदसौर लाया गया है।

धीरे-धीरे प्रशासन सभी विभागों पर एक्शन लेगा एवं उसने बदलाव भी करेगा।

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