किसानों को नीलामी से पहले ही चुकानी पड़ रही है वाहनों के लिए बड़ी कीमत, खुलेआम हो रहा है किसानों का शोषण

 


मंदसौर मंडी में जवाबदारो की नाक के नीचे पूरी मंडी परिसर में वाहन गिरोह का समूह प्रगति करता जा रहा है। प्रदेश की सभी मंडियों में से व्यवस्थित मंडियों में कहीं जाने वाली और आदर्श मंडी मानी जाने वाली शहर की कृषि उपज मंडी मैं इन दिनों किसानों के साथ खुलेआम शोषण हो रहा है। वाहनों में नीलामी की व्यवस्था होने के कारण किसानों से मोटी रकम वसूली जा रही है। मंडी परिसर में यह धंधा वाहन गिरोह कर रहा है।

मंडी में वाहन गिरोह का फैला हुआ है साम्राज्य

मंदसौर मंडी में किसानों से पैसे कमाने का यह गोरख धंधा वाहन गिरोह कर रहा है। मंदसौर मंडी में वर्तमान के समय में 100 से अधिक ट्रैक्टर ट्राली और इतने ही लोडिंग वाहन इन दिनों किसानों से कमाई करने के उद्देश्य से आमने-सामने हैं। यह किसानों की उपज को नीलाम करवाते हैं और उसी के बदले किसानों से बड़ी मात्रा में पैसे ले लेते हैं। मंडी में हर तरफ खाली वाहन खड़े हैं लेकिन इनको मंडी से बाहर निकालने की हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा है। प्रशासन और जवाबदारो के संरक्षण के कारण ही मंडी में यह अवैध रूप से वाहन गिरोह फैल रहा है।

100 से अधिक ट्रैक्टर ट्राली तो उतने ही लोडिंग वाहन भी मंडी में हर वक्त उपलब्ध

मंडी में मंडी प्रशासन ने वाहन में उपज नीलामी का आदेश जारी किया था। इसी के कारण मंडी परिसर में वाहन गिरोह शुरू हुआ। जहां पर किसानों को उपज की नीलामी के पहले वाहन में उपज रखने के एवज में एक बड़ी किमत चुकानी पड़ रही है। मंडी के जवाबदारो के संरक्षण में मंडी परिसर में यह अवैध धंधा अपने पैर पसार रहा है। फिर भी मंडी प्रशासन इन खाली वाहनों पर कार्यवाही नहीं कर रहा है और ना ही इनको मंडी से बाहर निकाल रहा है।

लोडिंग वाहन और ट्रैक्टर ट्राली आमने सामने

मंडी में दूर से आने वाले किसान अपने वाहन में उपज नहीं ला पाते हैं जिससे वह मंडी में ही पड़े वाहन में अपनी उपज नीलाम करवाते हैं। और यह वाहन वाले किसानों से इसके लिए बड़ी कीमत लेते हैं। और किसानों से इसी पैसे कमाने के खेल में ट्रैक्टर ट्राली और लोडिंग वाहन वाले आमने-सामने की स्थिति में हो गए हैं। मंडी परिसर में जहां-तहां ट्रैक्टर ट्राली और लोडिंग वाहन हर समय खड़े नजर आ रहे हैं लेकिन मंडी प्रशासन इन पर जान बूझकर ध्यान नहीं दे रहा है और यह मंडी में रोज का काम हो गया है।

आदर्श मंडी में गिनी जाने वाली मंदसौर मंडी में किसानों के साथ शोषण हो रहा है। नीलाम में वाहन रखने के लिए किसानों को मोटी रकम चुकानी पड़ रही है। हर किसान वाहन लाने के लिए सक्षम नहीं है इसीलिए वाहन गिरोह इन्हें लूट रहे हैं और मंडी प्रशासन इन पर कुछ भी ध्यान नहीं दे रहा है और ना ही इनको बाहर का रास्ता दिखा पा रहा है।

लहसुन में ढेर की व्यवस्था हो सकती है शुरू

मंडी में उपज की अधिक आवक और कोरोना के कारण मंडी में वाहन में नीलामी की व्यवस्था शुरू की गई थी। इससे लेकर जो दिक्कत आ रही है वह अब खत्म हो जाएगी। खाली वाहनों को बाहर करने के लिए भी सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब लहसुन को ढेर की व्यवस्था में चालू कर दिया जाएगा।


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