भारत पहुंचा कोरोना का नया स्ट्रेन, भारत के सामने आई एक और बड़ी नई चुनौती, क्या होगी देश की आने वाली तैयारियां

 



ब्रिटेन में मिले कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन ने भारत में दस्तक दे दि है। ब्रिटेन में पाया गया कोरोनावायरस का संक्रामक स्वरूप जो पुराने कोरोनावायरस से 70 फीसदी तेज है उसने भारत में अपने कदम रख दिए हैं। केंद्र सरकार द्वारा सूचना मिलने पर पहले से ही यूके की सभी फ्लाइट रद्द कर दी थी लेकिन जो यात्री पहले आ चुके थे उनमें से कुछ संक्रमित प्राप्त हुए हैं।

कोरोना से कई गुना प्रभावशाली है यह नया स्ट्रेन

केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि ब्रिटेन में जो कोरोना का नया स्ट्रेन पाया गया है वह देश के विभिन्न राज्यों से आए ब्रिटेन से 6 लोगों में नए स्ट्रेन का संक्रमित पाया गया है। इनको इनके ही राज्य में बने कोरोना केयर सेंटर में सिंगल रूम आइसोलेशन में रखा गया है। इनके निकट और संपर्क में आए सभी लोगों क्वारंटाइन में रखा गया है और सैंपल भी ले लिए गए हैं। साथ ही व्यापक अभियान भी चलाया गया है जिससे ब्रिटेन से आने वाले इनके सह यात्रियों, पारिवारिक संपर्क को और अन्य लोगों का पता लग सके और उन्हें भी क्वारंटाइन किया जा सके।

आगे क्या होगी देश की तैयारियां

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 25 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच ब्रिटेन से देश में कुल 33000 यात्री आए थे। इन सभी की जांच कर दी गई थी जिनमें से कुल 114 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इन सभी लोगों के सिंपल को जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए विशेष रूप से गठित 10 सरकारी प्रयोगशालाओं के समूह को भेजा गया है। इनमें से बेंगलुरू स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान अस्पताल, हैदराबाद स्थित कोशिका एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र में दो और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान एक सैंपल में कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन को पाया गया है।

जीनोम सीक्वेंसिंग का फैसला पहले ही हो चुका था

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि देश में 5% पॉजिटिव मामलों के जिनोम सीक्वेंसिंग कराने का फैसला पहले ही लिया गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए देश की प्रयोगशालाओं को शामिल किया गया है।

सहा यात्रियों पारिवारिक संपर्क और अन्य लोगों का पता लगाने के लिए व्यापक अभियान चला दिया गया है।

ब्रिटेन से लौटे सभी संक्रमित हो के सैंपल जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं।

नए स्वरूप के प्रभाव पर नजर रखने के लिए आईसीएमआर को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

देश में जीनोम सीक्वेंसिंग करने वाली सरकारी प्रयोगशालाएं

1-नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जिनोमिक्स, कोलकाता

2-जीव विज्ञान संस्थान, भुवनेश्वर

3-राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, पुणे

4-कॉलेज ऑफ कंप्यूटर साइंस, पुणे

5-कोशिका व आणविक जीव विज्ञान केंद्र, हैदराबाद

6-सेंटर ऑफ़ डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक्स, हैदराबाद

7-स्टेम सेल विज्ञान एवं पुनयोर्जी चिकित्सा के लिए संस्थान, बेंगलुरु

8-राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान अस्पताल, बेंगलुरू।


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