भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश सुराणा के पुत्र राकेश सुराणा पर जमीन हड़पने के आरोप ।

जमीन को लेकर हुई बात


मंदसौर के गांव हर्निया भट्टी में शासकीय भूमि पर माधव सिंह नामक युवक खेती करता है जिसका सर्वे नंबर 51 है लेकिन इस दौरान यहां पर पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश सुराणा के पुत्र राकेश सुराणा पर अनैतिक रूप से बाउंड्री वॉल बनाने का मामला सामने आया है किसान माधव सिंह का कहना है कि राकेश सुराणा ने राजनीतिक पहुंच के चलते मेरी खड़ी फसल में जमीन की नपती करवा दी जेसीबी मशीन की मदद से खेत में गड्ढे करवा दिए और फसल भी नष्ट कर है किसान ने आरोप लगाया है कि यह अपने राजनैतिक पावर के जरिए उक्त भूमि पर बाउंड्री वॉल बनाकर अवैध कब्जा कर रहे हैं और वो ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि पास में ही उनका वेयर हाउस है 


माधव सिंह किसान का बयान

यह सरकारी जमीन है मैं यहां पर अतिक्रमण कर रहा हूं मेरा 51 नंबर है और मैं लगातार अतिक्रमण भर रहा हूं मेरे पास रसिदे भी है पहले जमीन की नपती करवाई थी तो उनकी जमीन उधर आई थी और अब अचानक कल नकटी करी तो इन्होंने जमीन इधर बता दी और पटवारी इन सब की नपती के बाद मुझे बुलाया गया जमीन सरकारी है पर फसल मैंने बो रखी है इनकी नपति ठीक से होनी चाहिए

शैलेंद्र गिरी गोस्वामी पार्षद प्रतिनिधि से चर्चा

अनन्या पट्टी जो वार्ड नंबर 26 के सीमा के अंतर्गत आती है वहां भारतीय जनता पार्टी के प्रभावशाली नेताओं ने वेयर हाउस का निर्माण किया उसके पास शासकीय जमीन पर जोकि किसान की है उसने ₹3000 अतिक्रमण भरकर वहां फसल वही है उसने सोयाबीन के बीज को भी उधार लोगों से लेकर उस खेत में बोया फसल को तैयार किया और ऐसे कैसे जेसीबी चलाकर सीधा उसकी फसल को नष्ट किया गया मैं यह कहना चाहता हूं कि प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री जी को मैं यह कहना चाहता हूं कि पुलिस की मौजूदगी के बिना ही बिना नोटिस के ऐसे कहीं जमीन पर कब्जा किया जा रहा है


राकेश सुराणा से चर्चा

मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप गलत है मेरा वहां पर वेयर हाउस है और मैंने विधिवत उसकी नपती करवाई है और विधिवत रूप से ही सभी काम किया है और उस पर अब बाउंड्री का काम कर रहा हूं आप इसमें किसी किसान के नुकसान की बात नहीं है ना ही मैंने कोई दादागिरी करके कोई काम किया है मैंने कोई नेतागिरी नहीं की है मैंने व्यवहारिक तरीके से ही अपना काम किया है नहीं मैंने किसान की फसल को नष्ट किया है मैंने जब नपती हुई थी तब किसान को कहा था कि हमारी जमीन यहां तक आ रही है और जो आप की फसल हमारी जगह में नष्ट हो रही है उसका हम मुआवजा दे देंगे आपको किंतु किसान ने खुद ही मना कर दिया जहां पर बात को सत्य साबित करने के लिए पटवारी और आईआर साहब मौजूद थे जब यह बात हुई थी उसी वक्त किसान ने सबके सामने कहा था कि मुझे कोई मुआवजा नहीं चाहिए  उसके बाद ही हमने दूसरे दिन बाउंड्री का काम चालू किया मैं तो बस उसकी फसल के नुकसान का मुआवजा दे रहा था जमीन पूरी वहां पर सरकारी है मैंने तो अपनी निजी जमीन पर ही बाउंड्री करवाई है और यदि मेरी जमीन उधर आती है तो मुझे बाउंड्री करवाने का हक है और इसीलिए उनके सारे आरोप गलत है 

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