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कोरोना के लेकर प्रशासन सिर्फ व्यापारियों पर है सख्त लेकिन मंत्री नेताओं को रोड शो करने की छूट क्यों

Mandsaur News corona काल की बड़ी खबर


मंदसौर में कोरोना को लेकर प्रशासन की सख्ती  सिर्फ आम नागरिकों तक ही नजर आ रही है किसी भी नेता या मंत्री कि भिड प्रशासन को कोई लेना देना नहीं है आर्थिक मंदी क्षेत्र अधिक व्यापारियों के लिए लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ाने से ज्यादा बढ़कर है व्यापारी बोल रहे हैं कि प्रशासन को हमारी दुकान में भीड़ नजर आती है तो नेताओं के यहां क्यों नहीं यह तो सभी जानते हैं कि लॉकडाउन में देश को कहीं हद तक पीछे लाकर छोड़ दिया है आम आदमी के साथ व्यापारियों पर इसका खास असर पड़ा है व्यापार पूर्ण रूप से बंद था और जब व्यापार खुला तो आर्थिक तंगी बहुत ज्यादा बढ़ गई जिसकी वजह से कहीं लोगों ने तो अपना धंधा ही बदल दिया दुकान खोलने उठा बंद करने की समय सीमा प्रशासन द्वारा तय कर दी गई कोरोना को लेकर एतीयार बरतने को कहा गया है उसके बाद भी बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करने वाले और बिना मुंह पर मार्क्स पहने घूमने वाले लोगों के चालान काटे जा रहे हैं इन सभी घटनाक्रमों के साथ एक बात जरूर आप लोगों ने नोटिस करी होगी की अभी कुछ समय पहले ही मंत्रिमंडल के गठन में दो मंत्री जो मंदसौर से ताल्लुकात रखते हैं वह जब भी मंदसौर आए हैं काफी संख्या में उनके साथ भीड़ इकट्ठा हुई है उस पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं गई क्योंकि सरकारी उनकी है प्रशासन गया तो उसको भी नोटिस थमा दिया जाएगा जिसके बाद उसका ट्रांसफर ही होगा इस बात से सभी भलीभांति वाकिफ है कि नेताओं की मंत्री बनने के बाद जो भी इनके साथ देखी है क्या उस पर कोरोना का असर नहीं होता है क्या सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियम सिर्फ आम जनता के लिए है क्यों नहीं इनके साथ वाली भीड़ को रोका जाता है क्या सिर्फ व्यापारियों के दुकान पर आने वाले लोग ही कोरोनावायरस हैं या उन्हीं को कोरोना नेताओं के साथ जो लोग भीड़ बनकर इकट्ठा होते हैं उनको कोरोना सकता वह लोग करो ना नहीं फैला रहे हैं फिर भी यहां सब नियम जो सरकार द्वारा बनाए गए हैं सोशल डिस्टेंसिंग मुंह पर मार्क्स सिर्फ आम जनता के लिए ही है नेताओं पर इनका कोई असर नहीं है किसी के पास इसका जवाब

मंदसौर के आम व्यापारी से चर्चा

प्रशासन ने हमारी दुकानों को शनिवार रविवार बंद करवा दिया तो क्या कोरोना छुट्टी देखकर आता है जो प्रशासन ने ऐसा किया शाम 7:00 बजे पुलिस वाले डंडे लेकर सीटी बजाते हुए दुकान बंद करने के लिए आ जाते हैं तो वह जब कोई नेता आता है उनके साथ जो भीड़ रहती है उसे हटाने के लिए सीटी बजाने क्यों नहीं जाते यह भेदभाव क्यों यदि लॉकडाउन करना है तो फिर नेताओं की भीड़ पर भी काबू होना चाहिए हम बस इतना चाहते हैं कि प्रशासन की सख्ती सभी के लिए बराबर होनी चाहिए चाहे वह नेता हो व्यापारी हो या आम आदमी , सभी को नियमों का बराबर पालन करना चाहिए 


इस पूरे मामले को लेकर आपकी क्या राय है कमेंट करके जरूर बताएं

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