मंदसौर के पार्षदों पर हुई साइबर अटैक की कोशिश दुनिया में साइबर ठगी का जाल महामारी की तरह फैला हुआ है ।

मंदसौर के पार्षदों को ठगने का किया गया नाकाम प्रयास


आज मंदसौर शहर में साइबर क्राइम की एक घटना सामने आई इस घटना मे तीन से चार व्यक्तियों को कॉल किया गया
जिसके अनुरूप मंदसौर के पार्षदों को एक अनजान नंबर से कॉल आता है नंबर है 9007161869 इस नंबर से उन्हें फोन आता है और कहा जाता है कि मैं कलेक्टर कार्यालय से बोल रहा हूं और यह बताया जाता है कि केंद्र सरकार से मार्क्स अथवा सैनिटाइजर बांटने के लिए धनराशि आई है तो उसमें से हमने 22 लाख तो नगरपालिका को दे दिए हैं किंतु नगर पालिका ने पैसे वितरित नहीं किए हैं इसलिए अब हम डायरेक्ट आपको ₹35700आपके खाते में डालना है इसके लिए आप अपना एटीएम कार्ड नंबर बताएं और ओटीपी बताएं

पहला कॉल

पूर्व सभापति सुनीता बाहिती को उस कॉल पर संदेह होता है और वह कॉल अपने पुत्र को देते हुए कहती है कि आप इन्हें बताएं कि कौन सा नंबर बताना है और कौन सा ओटीपी बताना है और इतने में तुरंत ही सामने वाला व्यक्ति कॉल कट कर देता है

दूसरा कॉल

पार्षद यशवंत भावसार के पास भी आया किंतु उन्होंने बड़ी समझदारी के साथ उसे मना कर दिया और कहा कि अगर आपको पैसे ही डालना है तो आप अकाउंट नंबर लो और पैसे डाल दो पैसे डालने के लिए ओटीपी और एटीएम नंबर की जरूरत नहीं होती है 

तीसरा कॉल

पार्षद विक्रम भैरवे के पास भी गया और उन्होंने भी इसी तरह मना कर दिया 


इसी तरह और भी पार्षदों को फोन लगाया गया किंतु घटना की जानकारी के बाद जिन पार्षदों पर कॉल आ चुका था उन्होंने सतर्कता अपनाते हुए अपने सभी साथियों को सूचित किया कि यदि इस तरह का कॉल आता है तो वह सतर्क रहें और इस घटना के बाद सभी पार्षद एक्टिव हुए और आपस में बात करके इस घटना पुलिस थाने में शिकायत करी ।

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